ऊर्जा मित्रों की समस्याओं को लेकर विधायक निसात आलम ने उठाई आवाज़, प्रबंधन से त्वरित समाधान की मांग

ऊर्जा मित्रों की समस्याओं को लेकर विधायक निसात आलम ने उठाई आवाज़, प्रबंधन से त्वरित समाधान की मांग
Views: 356
0 0
Read Time:3 Minute, 42 Second
ऊर्जा मित्रों की समस्याओं को लेकर विधायक निसात आलम ने उठाई आवाज़, प्रबंधन से त्वरित समाधान की मांग

बरहड़वा। पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक निसात आलम ने साहिबगंज एवं पाकुड़ जिले में कार्यरत ऊर्जा मित्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड, रांची के प्रबंध निदेशक सह अध्यक्ष अविनाश कुमार को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया है।

विधायक आलम ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि वर्तमान में दोनों जिलों में एमएस श्री पब्लिकेशन एंड स्टेशनर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के अधीन कार्यरत ऊर्जा मित्रों को लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है। उन्होंने बताया कि अगस्त 2024 से अब तक ऊर्जा मित्रों को न तो ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि) और न ही ईएसआई (कर्मचारी राज्य बीमा) का भुगतान किया जा रहा है। यह स्थिति श्रम कानूनों के उल्लंघन के साथ-साथ कर्मचारियों के हितों के विपरीत है।

भुगतान बंद होने के कारण ऊर्जा मित्र आक्रोशित हैं और उन्होंने कार्य बहिष्कार कर दिया है। इस कारण उपभोक्ताओं को मासिक बिजली बिल तैयार कराने एवं जमा कराने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समय पर बिलिंग न होने से जहां आम जनता प्रभावित हो रही है, वहीं सरकार को राजस्व की भी हानि झेलनी पड़ रही है।

विधायक निसात आलम ने यह भी कहा कि नियुक्ति पत्र में जो मानदेय निर्धारित किया गया था, उसका भी सही तरीके से भुगतान कर्मचारियों को नहीं किया जा रहा है। इससे वे गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। परिवार चलाना उनके लिए मुश्किल हो गया है और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि ऊर्जा मित्र विद्युत विभाग की रीढ़ हैं और उनकी समस्याओं का समाधान किए बिना व्यवस्था को बेहतर ढंग से चलाना संभव नहीं है। विधायक ने प्रबंधन से मांग की है कि ईपीएफ और ईएसआई का बकाया तुरंत अदा किया जाए और नियमित मानदेय का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

इस संबंध में झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सह अध्यक्ष अविनाश कुमार ने विधायक के पत्र पर संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा मित्रों की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं को सेवा में किसी प्रकार की बाधा न हो।

इस पूरे मामले ने एक बार फिर ठेका व्यवस्था में कार्यरत कर्मचारियों की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि जब तक ठेका प्रथा पर अंकुश नहीं लगेगा, तब तक इस तरह की समस्याएं बनी रहेंगी।

Loading

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

About The Author

Related posts

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Comment